Sunday, 30 October 2016

साथ...!!


Kabhi beparwaah sa, kabhi apna sa..
Bas tere saath se, wo pal tha judaa sa..!

Kabhi bewaqt sa, kabhi sakht sa..
Bas tere saath se, wo waqt tha thahra sa..!

Kabhi bematlab sa, kabhi khurdura sa..
Bas tere saath se, wo ehsaas tha makhmali sa..!

Dhalti shaam si, badalte mausam sa..
Bas tere saath se, wo lamha tha zindagi sa..!!

कभी बेपरवाह सा, कभी अपना सा..
बस तेरे साथ से, वो पल था जुदा सा ..!

कभी बेवक्त सा, कभी सख्त सा..
बस तेरे साथ से, वो वक़्त था ठहरा सा ..!

कभी बेमतलब सा, कभी खुरदुरा सा..
बस तेरे साथ से, वो एहसास था मखमली सा ..!

ढलती शाम सी, बदलते मौसम सा..
बस तेरे साथ से, वो लम्हा था ज़िन्दगी सा ..!
©Abhilekh


About Me

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India
Complicated माहौल में simple सा बंदा हूँ। दूरियाँ तो जायज़ है फिर भी ऐसे हमेशा करीब हूँ। कुछ लिख कर, कुछ पढ़कर, सबसे कुछ सीख कर, अकेला ही सही, एक मंज़िल के लिए निकला हूँ।